क्यों आज भी लाखों लोग आंतरिक शांति के लिए परमहंस योगानंद की ओर मुड़ते हैं – विधि बिरला

“बाक़ी सब कुछ प्रतीक्षा कर सकता है, लेकिन ईश्वर की खोज प्रतीक्षा नहीं कर सकती।” इस सरल किंतु गहन स्मरण के साथ परमहंस योगानंद ने मानवता को जीवन के केंद्र में आत्म-साक्षात्कार की खोज रखने का आह्वान किया। जैसे-जैसे संसार उनकी 133वीं जयंती का स्मरण करता है, उनका जीवन और शिक्षाएँ संस्कृतियों, आस्थाओं और पीढ़ियों के पार गूंजती रहती हैं—शांति, स्पष्टता और दिव्य प्रेम का कालातीत संदेश देते हुए। 5 जनवरी 1893 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जन्मे परमहंस योगानंद में बचपन से ही आध्यात्मिक सत्य की तीव्र प्यास…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 108 आपातकालीन सेवा बनी उत्तराखंड की स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत ढाल

देहरादून, “गोल्डन ऑवर” में त्वरित उपचार से जीवन रक्षा, 108 आपातकालीन सेवा पाँच वर्षों में तकनीक, तत्परता और मानवीय संवेदना का सशक्त उदाहरण उत्तराखंड सरकार के लिए नागरिकों का जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सतत मार्गदर्शन में राज्य की 108 आपातकालीन सेवा ने बीते पाँच वर्षों (2020-21 से 2024-25) के दौरान आपात स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक सशक्त, भरोसेमंद और प्रभावी प्रणाली के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।…

शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की मूल सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और विधिसम्मत शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर सुनियोजित रूप से अवैध कब्जा करने वाले समूहों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक…