बनबसा-टनकपुर क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार…

 

चंपावत, 4 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बनबसा में बनबसा-टनकपुर क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के साथ स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टों और तराई-भाभर स्टेट के पट्टों की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द शुरू करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के पट्टेदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के तहत बनबसा और टनकपुर के प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण की घोषणा भी की। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तारीकरण के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। इससे संस्थान के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं के विकास का रास्ता खुलेगा।

इसके अलावा बनबसा और टनकपुर शहरी निकाय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे और अस्थायी भवनों में रह रहे लोगों को स्थायी एवं पक्के आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। इससे ऐसे परिवारों को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। बनबसा और टनकपुर जैसे सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास, शिक्षा सुविधाओं के विस्तार और आवासीय समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Related posts

Leave a Comment